इस श्रृंखला का पहला विशेष संस्करण! एक आदमी रोज़ पुस्तकालय जाता है, वहाँ मिली सीधी-सादी लेकिन प्यारी लाइब्रेरियन को अपना निशाना बनाता है! शांत पुस्तकालय में बार-बार अपमानजनक हरकतें करने से उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ जाती है! धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारे जाते हैं, नग्नता का आनंद जागता है, वह शरमाती है और उत्तेजित हो जाती है! और उसकी योनि से गाढ़ा प्रेम रस टपकता है... अंत में, उसे पूरी तरह नग्न होकर काम करने का आदेश दिया जाता है और वह मना नहीं कर पाती क्योंकि वह बार-बार उसके अंदर वीर्यपात करता है! वह भारी मात्रा में वीर्य से भीग जाती है और उसका विकृत पक्ष जागृत हो जाता है!